अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने स्पष्ट किया है कि SGPC ने अपने स्तर पर पहले ही जांच पूरी कर ली थी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश पहले ही जारी हो चुके थे, जिनके आधार पर SGPC ने तत्काल कदम उठाया।
कुलवंत सिंह मन्नण ने “लापता स्वरूप” शब्द के इस्तेमाल पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि ऐसा कोई स्वरूप न लापता हुआ है और न ही कभी हो सकता है। उन्होंने कहा, “गुरु महाराज स्वयं सब पर नज़र रखे हुए हैं और सज़ा-वजीफा देने वाले वही हैं।”
उन्होंने बताया कि जिस मुद्दे को लेकर आज राजनीति की जा रही है, वह 5–7 साल पुराना मामला है और उस समय के सभी ज़िम्मेदार अधिकारियों पर SGPC कार्रवाई कर चुकी है। मन्नण ने सवाल उठाया कि जब पंजाब सरकार का कोई अधिकारी गलती करता है तो क्या मुख्यमंत्री उसके कारण इस्तीफ़ा दे देते हैं? यह सिर्फ राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश है।
SGPC सचिव ने कहा कि जो लोग आज पंथक हौके और महा पंचायतें कर रहे हैं, उन्हें SGPC के बेहतर प्रबंधन, संगत की सेवा और गुरुद्वारों की साफ-सफाई जैसी उपलब्धियां क्यों नहीं दिखतीं।
उन्होंने कहा कि सरकारों को पंथक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। साथ ही बताया कि 11 दिसंबर को अंतरिम कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें FIR दर्ज करने से जुड़े सभी मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।






