Saturday, June 6, 2026
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मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामले में निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर आज CBI अदालत में पेश, 300 पन्नों की चार्जशीट दाखिल

चंडीगढ़, 4 दिसंबर 2025: पंजाब पुलिस के निलंबित डी.आई.जी. हरचरण सिंह भुल्लर और बिचौलिए किष्णू शारदा को आज सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। दोनों पिछले 14 दिनों से न्यायिक हिरासत में थे। भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तेज होती जा रही है। सीबीआई ने बुधवार को अदालत में 300 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इसी बीच ईडी ने भी भुल्लर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीबीआई ने 16 अक्टूबर 2025 को मंड़ी गोबिंदगढ़ के स्क्रैप डीलर आकाश बत्ता से 8 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में भुल्लर और किष्णू शारदा को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान सीबीआई ने किष्णू के घर से एक डायरी भी बरामद की, जिसमें पंजाब के कई नौकरशाहों और अधिकारियों के नाम और बैंक अकाउंट नंबर दर्ज थे। हालांकि, चार्जशीट में उन अधिकारियों और दो न्यायिक अधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।

सीबीआई ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत धारा 61(2) सीआरपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 12 भी जोड़ी है। गुरुवार को अदालत भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के दोनों मामलों की सुनवाई करेगी।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के सेक्टर-40, चंडीगढ़ स्थित घर पर छापेमारी की, जहां से 7.32 करोड़ रुपये नकद, करीब 2.5 किलो सोना, 24 महंगी घड़ियां और विदेशी शराब की कई बोतलें बरामद हुईं। इसके बाद सीबीआई व पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया।

सूत्रों के अनुसार ईडी ने भी सीबीआई की एफआईआर के आधार पर पीएमएलए के तहत केस दर्ज कर लिया है और भुल्लर के बैंक खातों, लेन-देन और कथित बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है।

पूछताछ के दौरान भुल्लर ने खुलासा किया कि पंजाब के कई अधिकारी प्रॉपर्टी डीलर भूपिंदर सिंह (पटियाला) के जरिये जमीन में निवेश करते थे। सीबीआई ने 10 आईपीएस और 4 IAS अधिकारियों की पहचान की है, जिनमें से 8 आईपीएस अभी भी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। पटियाला और लुधियाना में प्रॉपर्टी डीलर के ठिकानों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज जब्त किए गए।

 

सीबीआई द्वारा अदालत में दाखिल प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक किष्णू शारदा के मोबाइल सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में पता चला कि वह कई अधिकारियों के भ्रष्ट सौदों में शामिल था। तफ्तीश में सामने आया है कि वह लगभग 50 अधिकारियों (IAS और IPS शामिल) के ट्रांसफर-पोस्टिंग, हथियार लाइसेंस, FIR दर्ज करवाने या रद्द करवाने जैसे मामलों में दखल देता था।

 

मामले की आगे की सुनवाई 5 दिसंबर को सीबीआई अदालत में जारी रहेगी।

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