बठिंडा, 4 दिसंबर 2025: नशा तस्करी मामले में घिरी पंजाब पुलिस की बर्खास्त सीनियर कॉन्स्टेबल अमनदीप कौर के खिलाफ मामला अब अदालत की दहलीज़ पर पहुंच चुका है। बठिंडा की सैशन कोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोप तय करते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को निर्धारित कर दी है।
एडिशनल जिला एवं सैशन जज सुरिंदरपाल कौर की अदालत में सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया गया कि अगली तारीख पर विजिलेंस ब्यूरो आरोपी अमनदीप कौर के खिलाफ सबूत पेश करेगा। अमनदीप कौर को सोशल मीडिया पर ‘काली थार वाली’ और ‘इंस्टाग्राम क्वीन’ के नाम से भी जाना जाता रहा है।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दायर दूसरी चार्जशीट (14 नवंबर) के अनुसार,
2018 से 2025 के बीच:
कुल आय: ₹1,08,37,550
कुल खर्च: ₹1,39,64,802.97
आय की तुलना में 31 लाख रुपये से अधिक का अतिरिक्त खर्च सामने आया, जो जायज़ आय से 28.85% अधिक है। यही अतिरिक्त खर्च भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत दर्ज मामले का आधार बना।
जांच में उसकी चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों, ऋण रिकॉर्ड और वेतन संबंधी दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल शामिल रही।
अमनदीप कौर को 2 अप्रैल 2025 को बठिंडा पुलिस ने बादल रोड से गिरफ्तार किया था। उसकी काली थार से 17.71 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। अगले ही दिन यानी 3 अप्रैल को उसे पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह वर्दी की आड़ में नशा तस्करी कर रही थी।
इसके बाद एसएसपी बठिंडा की रिपोर्ट पर 26 मई को विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1) और 13(2) के तहत मामला नंबर 15 दर्ज किया।
अमनदीप कौर को नशा तस्करी और भ्रष्टाचार—दोनों मामलों में ज़मानत मिल चुकी है। इसके अलावा, खुफिया विंग और Narcotics Control Bureau (NCB) जैसे एजेंसियों ने भी उससे पूछताछ की है।
विजिलेंस केस दर्ज होने के अगले दिन (27 मई) बठिंडा पुलिस ने नोटिस जारी कर उसकी संपत्ति फ्रीज़ कर दी। इसमें शामिल हैं—
विराट ग्रीन कॉलोनी की कोठी
एक प्लॉट
काली थार
बुलेट मोटरसाइकिल
तीन मोबाइल
एक महंगी घड़ी
कुल मूल्य लगभग ₹1,35,39,583
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत की अनुमति के बिना इन संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है और न ही ट्रांसफर किया जा सकता है, हालांकि निवास की अनुमति रहती है।
एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने बताया कि अमनदीप कौर बेहद जागरूक और तेज-तर्रार लड़की थी, लेकिन सोशल मीडिया की चमक-दमक और ‘चिट्टे’ ने उसका भविष्य अंधकार में धकेल दिया। सही दिशा चुनने पर वह बेहतर प्रगति कर सकती थी। उन्होंने युवाओं को पढ़-लिखकर अच्छा भविष्य बनाने की सलाह दी।
अमनदीप कौर की शानो-शौकत भरी जीवनशैली केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही।
थार और बुलेट के साथ वीडियो
महंगी घड़ियाँ
पुलिस स्टिकर लगी काली थार
मनमर्जी से स्टेशन बदलवाना (30 बार तक)
गिरफ्तारी के समय वह पुलिस लाइन डिस्पेंसरी में तैनात थी।






