जालंधर, 30 नवंबर 2025: पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने वाले शिक्षा आयोग बिल, परमाणु ऊर्जा बिल, बिजली बिल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बिल और चंडीगढ़ बिल को पंजाब विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि आप सरकार और भाजपा इन बिलों, विशेषकर चंडीगढ़ बिल, को लेकर पंजाब के लोगों को गुमराह कर रही हैं।
परगट सिंह ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान यह कहकर भ्रम फैला रहे हैं कि केंद्र ने चंडीगढ़ बिल वापस ले लिया है, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “सिर्फ दावे करने से सच नहीं बदल जाता।”
चंडीगढ़ पंजाब की राजधानी है और रहेगी: परगट सिंह
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब की ही राजधानी है और पंजाब इसका वैध मालिक है।
परगट ने सवाल उठाया—“जब हर राज्य विभाजन के बाद अपनी नई राजधानी बनाता है और पुरानी राजधानी मूल राज्य के पास ही रहती है, तो पंजाब के साथ अलग स्थिति क्यों? क्या पंजाब के अलावा कोई और हितधारक है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आप दोनों पंजाब के लोगों को गुमराह कर रही हैं।
विधानसभा के “मज़ाक” पर परगट का हमला
परगट सिंह ने पंजाब विधानसभा के हालिया सत्र को लेकर आप सरकार की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने कहा—
“बच्चों के साथ विधानसभा सत्र आयोजित करना निंदनीय है।”
“गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जगह तंज और कॉमेडी हो रही है।”
“विपक्ष को बोलने का मौका तक नहीं मिलता।”
उन्होंने साफ कहा कि ‘आप’ सरकार द्वारा इस तरह विधानसभा का मज़ाक उड़ाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा–अकाली दल गठबंधन पर तंज
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए परगट सिंह ने चुटकी ली—
“अकाली दल पंजाब में भाजपा से किस चेहरे के साथ गठबंधन करेगा?”
उन्होंने आरोप लगाया—
“भाजपा हर रोज़ पंजाब पर हमला कर रही है।”
“पहले BBMB छीना, अब चंडीगढ़ हासिल करने की बात चल रही है।”
“किसानी को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियाँ लाई जा रही हैं।”
परगट ने कहा कि विचारधारात्मक टकराव के चलते अकाली दल और भाजपा का गठबंधन संभव नहीं।






