जालंधर, 28 नवंबर 2025: पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंड ने गुरुवार को केंद्र सरकार से मनरेगा (MGNREGA) के तहत रोके गए 250 करोड़ रुपये तुरंत जारी करने की मांग की। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ समीक्षा बैठक के बाद जिला प्रशासनिक परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सौंड ने कहा कि मटीरियल कंपोनेंट के फंड रोकने से राज्य में इस महत्वपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर असर पड़ा है।
मंत्री सौंड ने मनरेगा के तहत काम करने वाले राज मिस्त्रियों की मजदूरी बढ़ाने की मांग भी केंद्रीय मंत्री के सामने रखी। उन्होंने बताया कि हरियाणा में राज मिस्त्री को 400 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं, जबकि पंजाब में उन्हें केवल 346 रुपये मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और मज़दूरी दरों के बीच इतनी कम रकम पर कुशल मिस्त्री मिलना मुश्किल है, इसलिए दोनों राज्यों के बीच यह अंतर खत्म होना चाहिए।
सौंड ने बताया कि पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए पंजाब पूरे देश में पहला राज्य है जिसने मनरेगा मजदूरों के लिए फेस रिकॉग्निशन और जियो-टैगिंग आधारित हाजिरी सिस्टम शुरू किया है।
फिलहाल यह पायलट प्रोजेक्ट फतहगढ़ साहिब में चल रहा है, जिसे जल्द ही सभी 23 जिलों में लागू किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों के समय मनरेगा में हुई अनियमितताओं के चलते 23 अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार से 2 करोड़ रुपये की रिकवरी भी हो चुकी है।
सौंड ने केंद्र सरकार से पहले घोषित किए गए 1600 करोड़ रुपये के बकाया बाढ़ राहत फंड तुरंत जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई बार याद दिलाने के बावजूद अब तक एक भी रुपया जारी नहीं किया गया, जो केंद्र सरकार के पंजाब के प्रति उपेक्षित रवैये को दर्शाता है। इससे पहले सौंड ने केंद्रीय मंत्री को पंजाब सरकार की विकास योजनाओं की जानकारी दी, जिनमें राज्यभर में 3,000 से अधिक खेल मैदानों और 2,800 नए आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति देंगी।






