गुरदासपुर, 22 नवंबर:
बटाला के SDM-कम-नगर निगम कमिश्नर विक्रमजीत सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। विजिलेंस ब्यूरो ने गुरुवार देर रात करीब 10:15 बजे उनकी सरकारी रिहाइश पर रेड की, जहां से उन्हें रिश्वत की रकम सहित गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके घर से 13 लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त नकदी भी बरामद हुई।
इस संबंध में उनके खिलाफ FIR नंबर 44, दिनांक 21.11.2025, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) के तहत विजिलेंस ब्यूरो, रेंज अमृतसर में मामला दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता ने किया बड़ा खुलासा
शिकायतकर्ता अमर पाल सिंह, निवासी BCO कॉम्प्लेक्स बटाला, ने विजिलेंस को बताया कि उन्होंने नगर निगम बटाला के तहत सड़क पैचवर्क और मरम्मत का कार्य किया था। इसके लिए उनके दो बिल—
* 1,87,483/-
*1,85,369/-
कुल 3,72,852/- बकाया थे।
जब वह भुगतान लेने कमिश्नर से मिले, तो उन्होंने 10% (37,000/-) रिश्वत मांगते हुए SDO रोहित उप्पल से मिलने को कहा।
लाइट एंड साउंड शो का बिल भी फंसा कर रिश्वत मांगी
इसके बाद शिकायतकर्ता ने बटाला में लाइट एंड साउंड शो के लिए कैमरा एवं अन्य कार्य किए, जिसका 1,81,543/- भुगतान भी लंबित था।
इस तरह कुल 5,54,395/- की राशि बकाया थी।
जब वह SDO रोहित उप्पल से मिले तो उन्होंने कहा कि “कमिश्नर के आदेशों का पालन करना पड़ेगा।”
कमिश्नर से दोबारा मिलने पर उन्होंने 9% रिश्वत लेकर भुगतान जारी करने पर सहमति जताई।
विजिलेंस ट्रैप में फंसे कमिश्नर
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए वह विजिलेंस दफ्तर पहुंचा और ट्रैप के लिए 50,000 उपलब्ध कराए। इसके बाद विजिलेंस ने योजना बनाकर कमिश्नर को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
विजिलेंस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और SDO रोहित उप्पल की भूमिका भी जांच के दायरे में है।






