चंडीगढ़, 5 नवंबर (राजेश कुमार) — शिक्षा किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव होती है, और इसी सिद्धांत पर अमल करते हुए पंजाब सरकार राज्य के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में विशेष रूप से दलित समुदाय के बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
इस दिशा में सरकार द्वारा पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों की शिक्षा से जुड़ा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाए।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए इस योजना के तहत कुल ₹245 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जिसमें से अब तक सरकार ने ₹92 करोड़ की राशि जारी कर दी है। यह धनराशि सीधे छात्रों के हित में खर्च की जा रही है, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।
पंजाब सरकार का कहना है कि शिक्षा के माध्यम से ही हर समाज का विकास संभव है, और यह स्कॉलरशिप योजना सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।






