चंडीगढ़/पटियाला: वित्तीय लचीलापन और प्रशासनिक दक्षता का शानदार प्रदर्शन करते हुए, पंजाब ने अक्टूबर 2025 तक शुद्ध जीएसटी संग्रह में 21.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। इस दौरान केवल अक्टूबर माह में 14.46 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। यह जानकारी पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने दी, जिन्होंने राज्य के इस अद्वितीय प्रदर्शन को सराहा।
वित्त मंत्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि राज्य ने अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक शुद्ध जीएसटी के रूप में 15,683.59 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह राशि 12,907.31 करोड़ रुपये थी, यानी 2,776 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, अक्टूबर 2025 में राज्य की शुद्ध जीएसटी प्राप्ति 2,359.16 करोड़ रुपये रही, जो अक्टूबर 2024 में 2,061.23 करोड़ रुपये थी।
चीमा ने कहा, “जीएसटी 2.0 सुधारों के तहत कर दरों को कम किए जाने और बाढ़ जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद, पंजाब ने जीएसटी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह राज्य के बेहतर अनुपालन, कर चोरी विरोधी पहलों और डिजिटल निगरानी प्रणालियों की सफलता को दर्शाता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की 21.5 प्रतिशत की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत 7 प्रतिशत से कहीं अधिक है, जिससे पंजाब उत्तर भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
वित्त मंत्री ने यह प्रदर्शन पंजाब के व्यापार और उद्योग की लचीलापन को भी श्रेय दिया, खासकर जब राज्य के लगभग आधे जिले इस दौरान बाढ़ से प्रभावित थे। उन्होंने इसे विभाग की डेटा विश्लेषण क्षमता, डिजिटल एकीकरण, सख्त फील्ड प्रवर्तन और रणनीतिक दृष्टिकोण की सफलता का परिणाम बताया।
आखिरकार, वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार ईमानदार करदाताओं के लिए अनुपालन को आसान बनाएगी, कर चोरी पर सख्ती करेगी और पारदर्शी तथा कुशल कर प्रशासन के माध्यम से पंजाब की आर्थिक वृद्धि को और बढ़ावा देगी।






