चंडीगढ़, 06 फरवरी 2026 : पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से संबद्ध और एसोसिएटेड स्कूलों के कई प्रिंसिपलों द्वारा पंजाब सरकार के महत्वाकांक्षी उद्यमी प्रोजेक्ट को गंभीरता से नहीं लिए जाने पर बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकांश स्कूल प्रिंसिपलों ने अब तक प्रोजेक्ट के तहत अपने व्यवसायिक (कारोबारी) विचार विभाग को जमा नहीं करवाए हैं।
इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव ने निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो स्कूल निर्धारित समय तक कारोबारी विचार जमा नहीं करवाएंगे, उन स्कूलों के विद्यार्थियों के बोर्ड परिणाम रोके जा सकते हैं।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने यह उद्यमी प्रोजेक्ट विद्यार्थियों में उद्यमशीलता और व्यवसायिक सोच विकसित करने के उद्देश्य से शुरू किया है। इसके तहत सभी स्कूल प्रिंसिपलों से कारोबारी विचार मांगे गए थे, ताकि इन विचारों को विद्यार्थियों के साथ साझा कर उन्हें भविष्य में उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया जा सके।
स्कूल प्रिंसिपलों को अंतिम मौका
बोर्ड ने संबद्ध और एसोसिएटेड स्कूलों के प्रिंसिपलों को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे यह सुनिश्चित करें कि विद्यार्थी 9 फरवरी 2026 तक अपने कारोबारी विचार बोर्ड को जमा करवा दें।
पंजीकरण प्रक्रिया और निर्देश
तकनीकी सुविधा के लिए बोर्ड ने एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। स्कूलों को व्हाट्सएप नंबर +91 9513477756 पर संदेश भेजकर अपना पंजीकरण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक शैक्षणिक संस्था के लिए कम से कम एक कारोबारी विचार जमा करना अनिवार्य किया गया है। सभी जानकारियां ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध करवानी होंगी।
क्यों लिया गया सख्त फैसला
पंजाब सरकार और शिक्षा बोर्ड का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमी और व्यवसायिक मानसिकता विकसित करना है। बोर्ड का मानना है कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए इस तरह की परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने यह सख्त फैसला लिया है।






