नई दिल्ली, 4 फरवरी 2026: दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने मृत व्यक्तियों से जुड़े 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में दी।
सरकार ने बताया कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका आधार नंबर निष्क्रिय करना आवश्यक है, ताकि पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी और कल्याणकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोका जा सके। देश में लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारकों के मद्देनज़र डेटाबेस को सटीक और सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती है।
मंत्रालय के अनुसार, आधार प्रणाली की सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, फेस ऑथेंटिकेशन में लाइवनेस डिटेक्शन, और एन्क्रिप्टेड ‘आधार डेटा वॉल्ट’ जैसे उपाय लागू किए गए हैं। साथ ही, यूआईडीएआई किसी भी तीसरे पक्ष के साथ नागरिकों की मूल बायोमेट्रिक जानकारी साझा नहीं करता।
इसके अलावा, नागरिकों की सुविधा के लिए नया आधार ऐप लॉन्च किया गया है, जिससे परिवारजन मृत्यु की सूचना देकर डेटाबेस को अपडेट करने में सहयोग कर सकते हैं। यह कदम सरकारी सब्सिडी और सेवाओं को केवल पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने में मदद करेगा।






