महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
बारामती/मुंबई, 28 जनवरी 2026: महाराष्ट्र की राजनीति के ‘दादा’ कहे जाने वाले और वर्तमान उप मुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह बारामती में एक दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे में निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। इस खबर से पूरे देश, विशेषकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो पुत्रों पार्थ और जय पवार को छोड़ गए हैं।
राजनीतिक सफर: 5 बार उप मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड
अजित पवार महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे लंबे समय तक उप मुख्यमंत्री रहने वाले दिग्गज नेताओं में शामिल थे। उनका कार्यकाल इस प्रकार रहा:
कार्यकाल मुख्यमंत्री
2010 – 2012 पृथ्वीराज चव्हाण
2012 – 2014 पृथ्वीराज चव्हाण
2019 (3 दिन) देवेंद्र फडणवीस
2019 – 2022 उद्धव ठाकरे
2023 – 2026 देवेंद्र फडणवीस
प्रारंभिक जीवन और राजनीति में प्रवेश
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर में जन्मे अजित अनंतराव पवार, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे थे। उन्होंने अपने चाचा के नक्शे-कदम पर चलते हुए मात्र 20 वर्ष की आयु में, 1982 में राजनीति में कदम रखा।
1991: पुणे जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष बने।
लगातार जीत: बारामती विधानसभा क्षेत्र से 1995 से 2014 तक लगातार चुनाव जीतते रहे।
प्रशासनिक पकड़: कृषि, बिजली और जल संसाधन जैसे अहम विभागों के मंत्री के रूप में राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
विवादों और चुनौतियों का सामना
अजित पवार का राजनीतिक जीवन जितना शानदार रहा, उतना ही वह विवादों से भी घिरा रहा।
सिंचाई घोटाला: 2013 में उनका नाम सिंचाई घोटाले में आया, जिसके चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा; हालांकि बाद में उन्हें क्लीन चिट मिल गई।
लवासा प्रोजेक्ट: लवासा लेक सिटी प्रोजेक्ट और मतदाताओं को कथित रूप से धमकाने जैसे आरोपों के कारण वे सुर्खियों में रहे।
एक युग का अंत
अजित पवार को एक सख्त प्रशासक और मजबूत संगठनकर्ता के रूप में जाना जाता था। भले ही उनके अपने चाचा शरद पवार से कई बार राजनीतिक मतभेद रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा खुद को उनका श्रद्धालु बताया। उनके अचानक चले जाने से महाराष्ट्र ने ऐसा नेता खो दिया है, जिसकी उंगली पर राज्य की राजनीति घूमती थी।
“अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि महाराष्ट्र के विकास की एक मजबूत कड़ी थे। उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकेगी।”






