अमृतसर, 15 जनवरी 2026 : गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर के गोल्डन जुबली दीक्षांत समारोह के अवसर पर भारत के माननीय राष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद और पद्मश्री डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी को मानद डॉक्टरेट (ऑनरेरी काउसा) की उपाधि से सम्मानित किया।
यह सम्मान पंजाब में डॉ. साहनी द्वारा किए गए प्रभावशाली सामाजिक कार्यों के लिए प्रदान किया गया। विशेष रूप से बाढ़ राहत और पुनर्वास, नशा मुक्ति, तथा रोजगार से जुड़े बड़े स्तर के कौशल विकास कार्यक्रमों में उनके योगदान को सराहा गया। हालिया पंजाब बाढ़ के दौरान उनकी नेतृत्व भूमिका और मानवीय सेवा, राज्यभर में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास के लिए किए गए निरंतर प्रयास, तथा हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए स्थापित विश्वस्तरीय कौशल केंद्रों ने युवाओं को सशक्त बनाने और आजीविका बहाल करने में अहम भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने डॉ. साहनी की समाज सेवा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने यह साबित किया है कि करुणा, दूरदृष्टि और ठोस कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान राहत कार्य, नशा मुक्ति के प्रति प्रतिबद्धता और 5,000 से अधिक युवाओं को सम्मानजनक रोजगार के लिए प्रशिक्षित करने का उनका प्रयास जनसेवा के क्षेत्र में प्रेरणादायी है।
मानद डॉक्टरेट मिलने पर डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस सम्मान से अत्यंत विनम्र हैं। उन्होंने कहा कि यह मान्यता उन्हें नशा मुक्त पंजाब, रोजगारयुक्त सशक्त युवाओं और मजबूत समुदायों के निर्माण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देती है।






