जालंधर, 11 जनवरी 2026: जहां देश के अधिकांश राज्यों में युवाओं के लिए सरकारी नौकरी सपना बनती जा रही है, वहीं पंजाब सरकार इसके विपरीत मिसाल पेश कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को जालंधर के पीएपी ग्राउंड में आयोजित समारोह के दौरान पंजाब पुलिस के 1,746 नव-नियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह न केवल एक रिकॉर्ड है, बल्कि “घोषणाओं नहीं, परिणामों की राजनीति” का प्रमाण भी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 16 मार्च 2022 से अब तक पंजाब सरकार प्रतिदिन औसतन 45 युवाओं को सरकारी नौकरी दे रही है। चार साल से भी कम समय में 63,027 युवाओं को नियुक्ति देकर सरकार ने इतिहास रच दिया है। इस सामूहिक भर्ती से पंजाब पुलिस को मजबूती मिलेगी और यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि राज्य में भर्तियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर हो रही हैं।
नव-नियुक्त कांस्टेबलों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कुछ युवाओं को इस सरकार के कार्यकाल में दो-दो और तीन-तीन सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा, “यह कोई एहसान नहीं है। पंजाब के युवा अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर इन नौकरियों के हकदार हैं। पिछली सरकारों ने युवाओं की अनदेखी की, लेकिन हमारी सरकार ने पहले दिन से यह सुनिश्चित किया कि योग्य को उसका अधिकार मिले।”
उन्होंने बताया कि आज जिला कैडर के 1,261 और सशस्त्र कैडर के 485 कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इसे युवाओं के जीवन की नई शुरुआत बताते हुए सभी को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 10,264 युवाओं की भर्ती पंजाब पुलिस के विभिन्न रैंकों में की गई है। उन्होंने पंजाब पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस बल ने हमेशा देश की एकता, अखंडता और सीमावर्ती राज्य में शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है।
सीएम मान ने चेतावनी दी कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब को कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों द्वारा युवाओं को गुमराह करने और आतंकवाद की ओर धकेलने की कोशिशें की जा रही हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
नशों के खिलाफ चल रही मुहिम पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। नशा तस्करों को जेल भेजा जा रहा है और नशे के पैसे से बनी संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस इस अभियान में योद्धाओं की तरह काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब देश का पहला राज्य है जिसने ‘बाज आंख एंटी-ड्रोन सिस्टम’ शुरू किया है, जिसे तरनतारन, फिरोजपुर और अमृतसर के सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में तैनात किया गया है। इसका उद्देश्य सीमा पार से नशे, हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी को रोकना है।
साथ ही, साइबर अपराध से निपटने में भी पंजाब पुलिस ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। स्टेट साइबर क्राइम विंग को नई दिल्ली में आयोजित डिजिटल एविडेंस कॉन्फ्रेंस-2025 में ‘एक्सीलेंस अवॉर्ड-2025’ से सम्मानित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गैंगस्टरों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी है। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन के बाद राज्य में सड़क हादसों में मौतों की संख्या में 48 प्रतिशत की कमी आई है, जिसकी भारत सरकार ने भी सराहना की है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री महिंदर भगत, डीजीपी गौरव यादव सहित कई वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।






