लाहौर, 11 जनवरी 2026: पाकिस्तान गई पंजाब की सरबजीत कौर के मामले में एक नया और अहम मोड़ सामने आया है। पाकिस्तान की लाहौर हाईकोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है और पाकिस्तान सरकार से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है।
हाईकोर्ट ने सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं। अदालत ने जानना चाहा है कि सरबजीत कौर भारत से आए सिख जत्थे से कैसे अलग हुईं, उनकी देश निकाला (डिपोर्टेशन) से जुड़ी स्थिति क्या है, और उन्हें कानूनी तौर पर किसके हवाले किया गया था। इसके साथ ही अदालत ने इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा है। हाईकोर्ट ने यात्रा वीज़ा के दुरुपयोग और इससे सिख समुदाय को हुए नुकसान को लेकर भी जवाब तलब किया है।
गौरतलब है कि सरबजीत कौर 4 जनवरी को सिख गुरुओं से जुड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन के बहाने एक सिख जत्थे के साथ पाकिस्तान गई थीं, लेकिन बाद में वह रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थीं। बाद में सामने आया कि उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया, अपना नाम बदलकर नूर फातिमा रख लिया और एक मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया।
निकाहनामा से जुड़े दस्तावेज और विवाह की वीडियो सामने आने के बाद यह मामला उजागर हुआ। इसके बाद सरबजीत कौर को पाकिस्तान के ननकाना साहिब जिले से गिरफ्तार किया गया और फिलहाल उन्हें लाहौर के दारुल अमान शेल्टर होम में रखा गया है। यह मामला भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है।






