पार्षद सुमन की बहन की गिरफ्तारी पर बवाल
चंडीगढ़, 11 जनवरी 2026: चंडीगढ़ में मेयर चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया है। नगर निगम पार्षद सुमन की बहन की गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस, चंडीगढ़ पुलिस और राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए हैं। इस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मनीमाजरा पुलिस थाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
यह विवाद नगर निगम में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सामने आया है। हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) की दो महिला पार्षद भाजपा में शामिल हो गई थीं, जिसके बाद सदन में भाजपा की संख्या बढ़कर 18 हो गई। इसी बीच रविवार सुबह पंजाब पुलिस ने भाजपा में शामिल हुईं पार्षद सुमन की बहन को गिरफ्तार कर लिया।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह गिरफ्तारी केवल पार्षद सुमन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है, ताकि उन्हें दोबारा आप में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सके। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को “दबाव की राजनीति” करार देते हुए कहा कि इसका मकसद मेयर चुनाव के नतीजों को प्रभावित करना है।
भाजपा ने पंजाब पुलिस पर कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन करने का भी आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले मनीमाजरा पुलिस थाने को औपचारिक सूचना नहीं दी गई। भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए चंडीगढ़ पुलिस से मांग की है कि संबंधित पंजाब पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया जाए।
वहीं, पंजाब पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपनी कार्रवाई को जायज ठहराया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी एक कथित प्रशासनिक धोखाधड़ी के मामले से जुड़ी हुई है।
पुलिस ने बताया कि पंजाब सरकार के एक विभाग के चेयरमैन द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसमें आरोप है कि पार्षद सुमन की बहन आउटसोर्स आधार पर कार्यरत थीं, लेकिन ड्यूटी पर उपस्थित हुए बिना सरकारी वेतन ले रही थीं।
इस शिकायत के आधार पर मोहाली में एफआईआर दर्ज की गई थी और उसी मामले में गिरफ्तारी की गई है। पंजाब पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
फिलहाल, इस घटना ने चंडीगढ़ की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है, और मेयर चुनाव से पहले सियासी टकराव और तेज होने के आसार नजर आ रहे हैं।






