जालंधर पुलिस आयुक्त पर कार्रवाई पर विचार
नई दिल्ली, 10 जनवरी 2026: दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि जालंधर पुलिस द्वारा दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर का मामला सदन के विशेषाधिकार हनन से जुड़ा है। यह एफआईआर उस वीडियो के आधार पर दर्ज की गई है, जो विधानसभा के भीतर की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग है और सदन की संपत्ति है।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सदन के भीतर की गई रिकॉर्डिंग पूरी तरह से सदन की होती है और उस पर किसी अन्य का अधिकार नहीं हो सकता। ऐसे में इस वीडियो के आधार पर किसी मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में जालंधर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का स्पष्ट मामला बनता है।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि किस आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। सदन इस पूरे प्रकरण पर संज्ञान ले रहा है और जालंधर के पुलिस आयुक्त के खिलाफ उचित कार्रवाई पर विचार करेगा, क्योंकि यह सदन की संपत्ति में अनुचित हस्तक्षेप का मामला है।
उन्होंने आगे बताया कि विपक्ष की मांग पर इस वीडियो क्लिप को उनकी संतुष्टि के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) को भेजा गया था। चूंकि यह रिकॉर्डिंग सदन की संपत्ति है, इसलिए इसे “छेड़छाड़ की गई” (टैम्पर्ड) बताना सदन की गरिमा के खिलाफ है।
अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि इस कथित साजिश में कोई भी व्यक्ति शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सदन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली विधानसभा ने इस पूरे मामले पर औपचारिक रूप से संज्ञान ले लिया है।






