चंडीगढ़, 7 जनवरी 2026: पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) सुमेध सिंह सैनी को 2021 के आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी राहत मिली है। विशेष जांच टीम (SIT) ने अदालत में दाखिल चार्जशीट में सैनी को बेगुनाह करार देते हुए उन्हें कॉलम नंबर-2 में रखा है।
SIT ने लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता निमरतदीप सिंह समेत पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले की अगली सुनवाई 17 जनवरी को होगी। वर्ष 2021 में विजिलेंस ब्यूरो ने इस केस में निमरतदीप सिंह के साथ-साथ पूर्व DGP सैनी को भी नामजद किया था। बाद में हाईकोर्ट के निर्देश पर एस.एस. श्रीवास्तव की अगुवाई में SIT का गठन किया गया था।
जांच पूरी होने के बाद SIT ने अदालत में रिपोर्ट पेश करते हुए सुमेध सिंह सैनी को आरोपों से मुक्त कर दिया। चार्जशीट के अनुसार, निमरतदीप सिंह, उनके पिता सुरिंदरजीत सिंह जसपाल, अजय कौशल, प्रद्युमन सिंह और अमित सिंगला पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जांच में सामने आया कि निमरतदीप सिंह और उनके परिवार ने मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला, मुल्लांपुर और कुराली सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 35 अचल संपत्तियां हासिल कीं। परिवार के स्वामित्व वाले लगभग 22 बैंक खातों में 4.88 करोड़ रुपये की जमा राशि, 11.18 करोड़ रुपये की एफडी और 2.12 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की खरीद का भी खुलासा हुआ है।
SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार की कुल आय लगभग 20.57 करोड़ रुपये आंकी गई, जबकि खर्च 56.16 करोड़ रुपये से अधिक पाए गए। अन्य आरोपियों पर संपत्ति के लेन-देन में अनियमितताओं और महंगी जमीन को कम कीमत पर दिखाने के आरोप हैं। पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण SIT ने पूर्व DGP सैनी के खिलाफ लगाए गए आरोप खारिज कर दिए। सैनी पहले ही इस एफआईआर को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए अदालत का रुख कर चुके थे।






