जहां भाजपा की राह अब तक रही है मुश्किल
नई दिल्ली, 5 जनवरी 2026 : इस वर्ष देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, जिनमें भारत की लगभग 17 प्रतिशत आबादी अपने लिए नई सरकार चुनेगी। ये ऐसे राज्य हैं, जहां अब तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को विधानसभा चुनावों में निर्णायक सफलता नहीं मिल पाई है। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और असम शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में पिछले 14 वर्षों से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भाजपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। यदि 2026 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) जीत दर्ज करती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। ऐसा करने वाली वे देश की पहली महिला मुख्यमंत्री होंगी, जो चार बार लगातार सत्ता में आएंगी।
तमिलनाडु:तमिलनाडु देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां पिछले 60 वर्षों से न तो भाजपा और न ही कांग्रेस की सरकार बनी है। 2026 के चुनावों में भाजपा, दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की पार्टी AIADMK के साथ गठबंधन कर सकती है। वहीं, सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK भी चुनावी मैदान में उतर चुकी है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
केरल: केरल में इस समय वामपंथी गठबंधन (LDF) की सरकार सत्ता में है। यहां सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में LDF ने इस परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन इस बार एंटी-इन्कम्बेंसी को भुनाने की कोशिश करेगा। भाजपा अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत सकी है, हालांकि हालिया लोकसभा चुनावों में उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
पुडुचेरी: पुडुचेरी में 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-भाजपा गठबंधन सत्ता में आया और एन. रंगासामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब भाजपा सीधे तौर पर सत्ता में भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस डीएमके के साथ गठबंधन कर वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इन्कम्बेंसी में बदलना चाहती है।
असम:असम में पिछले 10 वर्षों से भाजपा की सरकार है और पार्टी तीसरी बार सत्ता में लौटने की तैयारी में जुटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते छह महीनों में तीन बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। भाजपा ने यहां 126 में से 100 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और असमिया पहचान जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने 10 दलों के साथ महागठबंधन बनाया है।
कुल मिलाकर, 2026 के विधानसभा चुनाव न केवल इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकते हैं।






