चंडीगढ़, 1 जनवरी 2026 : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा कैबिनेट की बैठक में राज्य परिवहन विभाग के कर्मचारियों को बड़ी राहत दी गई। कैबिनेट ने वर्ष 2002 में संविदा आधार पर नियुक्त किए गए 347 ड्राइवरों को योग्य सेवा (Qualifying Service) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने का निर्णय लिया है।
इस फैसले का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को दूर करना और समान स्थिति वाले कर्मचारियों के बीच समानता सुनिश्चित करना है।
उल्लेखनीय है कि इन ड्राइवरों की नियुक्ति वर्ष 2002 में संविदा आधार पर की गई थी और बाद में वर्ष 2006 में उन्हें हरियाणा परिवहन विभाग (ग्रुप-सी) हरियाणा रोडवेज सेवा नियम, 1995 (समय-समय पर संशोधित) के तहत नियमित किया गया था। हालांकि, जनवरी 2014 में सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुए आपसी समझौते का लाभ केवल 1 जनवरी 2003 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को मिला, जिसके कारण 2002 में नियुक्त ड्राइवर इससे वंचित रह गए।
इस स्थिति के चलते कई मामलों में कनिष्ठ ड्राइवरों को वरिष्ठ ड्राइवरों की तुलना में अधिक वेतन और पेंशन लाभ मिलने लगे थे। कैबिनेट के ताजा फैसले से इस विसंगति को दूर कर दिया गया है।
अब वर्ष 2002 में भर्ती किए गए ड्राइवरों को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से ही नियमित माना जाएगा। इसके साथ ही उन्हें एसीपी (ACP) जैसे लाभ भी प्रारंभिक नियुक्ति तिथि से सेवा गणना के आधार पर मिलेंगे। इसके अलावा, इन कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना, परिवार पेंशन योजना, 1964 के अंतर्गत कवर किया जाएगा और उनके जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) खाते भी खोले जाएंगे।
इस निर्णय से राज्य परिवहन विभाग के सैकड़ों कर्मचारियों को लंबे समय से लंबित न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।






