नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025: इन्वेस्को म्यूचुअल फंड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90 के स्तर को पार करने के बाद भारतीय रुपये में अब स्थिरता के संकेत दिखाई दे रहे हैं और गिरावट का सबसे बुरा दौर संभवतः पीछे छूट चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल किसी ठोस ट्रेंड की बात करना जल्दबाजी होगी, लेकिन निकट भविष्य में स्थिरीकरण के संकेत मिल रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 19 दिसंबर 2025 तक रुपये में सालाना आधार पर करीब 5.2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जिससे यह एशिया की प्रमुख मुद्राओं में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही। हालांकि, दिसंबर के तीसरे हफ्ते से रुपये में हल्की रिकवरी देखने को मिली और यह 89.57 प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ। वर्तमान में रुपया करीब 89.94 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा है।
इन्वेस्को ने बताया कि भारत के आर्थिक बुनियादी ढांचे मजबूत बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, महंगाई का एक फीसदी से नीचे आना और जीडीपी ग्रोथ का छह तिमाहियों में सबसे मजबूत रहना सकारात्मक संकेत हैं। इसके बावजूद, विदेशी निवेशकों की निकासी, व्यापार घाटा, डॉलर की मजबूत मांग और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण रुपये पर दबाव बना रहा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के हस्तक्षेप और वैश्विक हालात में सुधार के साथ रुपया आगे चलकर धीरे-धीरे स्थिर हो सकता है और 90 का स्तर टूटना किसी आर्थिक संकट का संकेत नहीं है।






