‘सुप्रा मिसेज नेशनल 2025’ की फर्स्ट रनर-अप बनीं
मोहाली, 29 दिसंबर 2025: पंजाब के मोहाली की रहने वाली ड्रग कंट्रोल ऑफिसर नवदीप कौर ने अपने अदम्य साहस, आत्मविश्वास और संघर्ष की ताकत से एक नई मिसाल कायम की है। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट के कारण छह महीने तक बिस्तर पर रहने और डॉक्टरों द्वारा चल पाने की उम्मीद छोड़ दिए जाने के बावजूद, नवदीप कौर ने न केवल जीवन में शानदार वापसी की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम भी रोशन किया है।
नवदीप कौर ने ‘सुप्रा मिसेज नेशनल 2025’ प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर-अप का खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल की। इस प्रतियोगिता में दुनिया के 25 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में रूस की प्रतिभागी पहले स्थान पर रहीं, जबकि नवदीप कौर दूसरे स्थान पर रहीं। इस मुकाम को हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला बनी हैं।
नवदीप कौर की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। वर्ष 2024 में एक हादसे के दौरान वह सीढ़ियों से गिर गई थीं, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि शायद वह दोबारा कभी चल न सकें। इसके बावजूद नवदीप ने हार नहीं मानी। योग और जिम की मदद से उन्होंने खुद को फिर से खड़ा किया और असंभव को संभव कर दिखाया।
फौजी परिवार से ताल्लुक रखने वाली नवदीप कौर की उपलब्धियां यहीं तक सीमित नहीं हैं। महज 6 साल की उम्र में वह ऑल इंडिया रेडियो की सबसे कम उम्र की रेडियो जॉकी बनीं। कॉलेज के अंतिम वर्ष में उन्होंने पंजाब सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर ड्रग कंट्रोल ऑफिसर का पद हासिल किया और इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की अधिकारियों में शामिल हुईं। पंजाब सरकार उन्हें अब तक चार बार सम्मानित कर चुकी है।
नवदीप कौर एक सिंगल मदर हैं और उनका तलाक हो चुका है। उनका मानना है कि जीवन की निजी कठिनाइयों ने उन्हें और मजबूत बनाया। वह कहती हैं, “मैं अपने बच्चे के लिए एक ऐसी मिसाल बनना चाहती थी, ताकि वह गर्व से कह सके कि मुझे अपनी मां जैसा बनना है।”
नवदीप कौर की यह प्रेरणादायक कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी शारीरिक या मानसिक बाधा इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।






