नई दिल्ली, 29 दिसंबर 2025: 2017 के उन्नाव रेप मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
आज सुप्रीम कोर्ट की तीन न्यायाधीशों वाली वेकेशन बेंच, जिसकी अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत कर रहे हैं, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की उस याचिका पर सुनवाई करेगी जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित करने के फैसले को चुनौती दी गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 दिसंबर को अपने आदेश में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया था और उन्हें जमानत दे दी थी। सेंगर को दिसंबर 2019 में उन्नाव रेप मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। हालांकि इस मामले में जमानत मिलने के बावजूद वह जेल में ही रहेंगे, क्योंकि वह एक अन्य CBI केस में हत्या से जुड़े मामले में 10 साल की सजा काट रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “पीड़िता की सेहत स्थिर है और वह खुद अदालत के अंदर मौजूद है क्योंकि वह अपनी लड़ाई खुद लड़ना चाहती है। हमें पूरा भरोसा है कि सुप्रीम कोर्ट इस लड़की को न्याय देगा।”
इससे पहले रविवार को उन्नाव रेप मामले की पीड़िता ने कहा था कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए ताकि वह बिना किसी डर के अपनी कानूनी लड़ाई लड़ सकें।
राष्ट्रीय राजधानी में ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव वीमेंस एसोसिएशन (AIPWA) द्वारा आयोजित एक अन्य प्रदर्शन के दौरान पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कुलदीप सेंगर ने CBI के जांच अधिकारी और दिल्ली हाईकोर्ट के एक जज को रिश्वत दी है। उन्होंने कहा कि सेंगर को जमानत मिलने के बाद उनके परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
पीड़िता ने कहा, “मुझे भरोसा है कि मुझे सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। मेरे पति की नौकरी छीन ली गई, मेरे बच्चों और गवाहों को धमकियां मिल रही हैं। जिन लोगों के नाम हम CBI के सामने लेते हैं, उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए। मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह करती हूं कि मुझे ऐसी सुरक्षा दी जाए ताकि मैं निडर होकर अपनी लड़ाई लड़ सकूं।”
उन्नाव रेप मामले में आज होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।






