चंडीगढ़ 26 दिसंबर 2025: चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नकली भारतीय मुद्रा की छपाई और सप्लाई करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7,17,400 रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। यह गिरोह उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय था।
क्राइम ब्रांच ने सबसे पहले सेक्टर-52 (कजहेड़ी) स्थित एक पीजी में छापा मारकर जम्मू-कश्मीर निवासी अविनाश कुमार और दिल्ली निवासी सत्यम विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर हरियाणा के महेंद्रगढ़ से संदीप और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से अब्दुल्ला व शहजाद को भी काबू किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 500, 200 और 100 रुपये के कुल 1,777 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 7,17,400 रुपये है। इसके अलावा एक ब्रेजा कार, तीन प्रिंटर, लैपटॉप, मैकबुक, टैबलेट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला विशेष कागज व स्याही भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। ये लोग एक लाख रुपये के असली नोटों के बदले चार लाख रुपये के नकली नोट देने का लालच देते थे। जाली नोटों की सप्लाई कभी कूरियर के जरिए तो कभी खुद जाकर की जाती थी।
गिरफ्तार आरोपी:- अविनाश कुमार (25), निवासी जम्मू-कश्मीर — पहले से राजस्थान पुलिस को वांछित
सत्यम विश्वकर्मा (20), निवासी नई दिल्ली
संदीप (27), निवासी महेंद्रगढ़, हरियाणा (B.Com पास)
अब्दुल्ला (22), निवासी सहारनपुर, यूपी (BBA का छात्र)
शहजाद (22), निवासी सहारनपुर, यूपी
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।






