चंडीगढ़ 25 दिसंबर 2025: व्हाट्सऐप इस्तेमाल करने वालों के लिए एक गंभीर साइबर चेतावनी जारी की गई है। पंजाब पुलिस ने ‘घोस्ट पेयरिंग’ नाम के नए साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, इस ठगी में न तो ओटीपी की जरूरत होती है और न ही पासवर्ड की, फिर भी साइबर अपराधी यूजर्स के व्हाट्सऐप अकाउंट पर कब्जा कर लेते हैं।
पंजाब पुलिस ने बताया कि यह चेतावनी भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In की रिपोर्ट के आधार पर जारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर ठग व्हाट्सऐप के ‘लिंक्ड डिवाइस’ फीचर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। ठग पहले फर्जी कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल के जरिए लोगों को झांसे में लेते हैं और फिर नौकरी, इनाम, अकाउंट वेरिफिकेशन या व्हाट्सऐप सपोर्ट के नाम पर एक क्यूआर कोड भेजते हैं। जैसे ही यूजर उस क्यूआर कोड को स्कैन करता है, उसका अकाउंट हैकर के डिवाइस से लिंक हो जाता है, जिसकी जानकारी यूजर को नहीं मिलती।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद साइबर अपराधी चैट, फोटो, वीडियो, कॉन्टैक्ट लिस्ट और निजी जानकारी का दुरुपयोग करते हैं।
बचाव के लिए पुलिस ने सलाह दी है कि यूजर नियमित रूप से ‘लिंक्ड डिवाइस’ सेक्शन की जांच करें, किसी भी अनजान क्यूआर कोड को स्कैन न करें, टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें और संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि व्हाट्सऐप या कोई भी सरकारी विभाग कभी भी फोन या मैसेज के जरिए क्यूआर कोड स्कैन करने को नहीं कहता। लोगों से अपील की गई है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और इस साइबर ठगी की जानकारी दूसरों तक भी पहुंचाएं।






