सुशासन और राष्ट्र निर्माण के आदर्शों को किया नमन
नई दिल्ली 25 दिसंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के प्रति वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका विराट व्यक्तित्व, जनहितैषी कार्य और कुशल नेतृत्व देश के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन सुशासन और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी देशवासियों के हृदय में हमेशा जीवित रहेंगे और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
अटल बिहारी वाजपेयी ने 1996 से 2004 के बीच तीन बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। वे अपनी प्रखर वक्तृत्व कला, ओजस्वी कविताओं और सौम्य राजनीतिक शैली के लिए भी जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल जी केवल एक महान राजनेता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने भारतीय राजनीति में शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की परंपरा स्थापित की। उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि श्रेष्ठता पद से नहीं, बल्कि कर्मों और विचारों से आती है।
25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को केंद्र सरकार ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाती है। इस वर्ष यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का दौरा कर रहे हैं। वहां वे ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे, जिसे देश की महान विभूतियों की स्मृति में विकसित किया गया है।
यह स्थल विशेष रूप से अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, उनके आदर्शों और उनकी स्थायी विरासत को समर्पित है। यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के उस दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसके तहत देश की महान हस्तियों के मूल्यों और विचारों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्थागत रूप दिया जा रहा है।
अटल बिहारी वाजपेयी का नेतृत्व भारत की लोकतांत्रिक और विकास यात्रा पर एक अमिट छाप छोड़ गया है। उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है और सुशासन के प्रति उनके संकल्प को दोहरा रहा है।






