नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2025: 26 जनवरी 2026 को होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह से पहले केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। गृह मंत्रालय (MHA) ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 53 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है।
सूत्रों के अनुसार, करीब 5,800 से अधिक सशस्त्र जवानों वाली ये अतिरिक्त टुकड़ियां मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगी, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की नोडल एजेंसी दिल्ली पुलिस ही रहेगी। ये बल कर्तव्य पथ के दो किलोमीटर के दायरे में स्थित सभी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किए जाएंगे।
इन अतिरिक्त जवानों की तैनाती बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी से की जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की स्नाइपर टीमें भी ऊंची इमारतों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहेंगी। CAPF बल दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर रूट सैनिटाइजेशन, एंटी-सबोटाज जांच और क्षेत्रीय निगरानी का काम करेंगे।
इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था इसलिए भी सख्त की गई है क्योंकि गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मौजूद रहेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, हालिया खुफिया सूचनाओं में बढ़े खतरे की आशंका को देखते हुए यह अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।






