जगराओं 19 दिसंबर 2025:- स्थानीय मोहल्ला माई जीना में गुरुवार शाम उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एक निजी कंपनी के कर्ज की वसूली के लिए पहुंचे तीन व्यक्तियों को मोहल्ला निवासियों ने शक के आधार पर घेर लिया। उक्त व्यक्ति खुद को विजिलेंस विभाग का अधिकारी बता रहे थे। संदेह होने पर लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल पुलिस द्वारा इन व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मोहल्ला निवासी राज कौर ने आरोप लगाया कि उसके नाम पर एक निजी कंपनी से लोन लिया गया है, जबकि उसने कभी कोई कर्ज नहीं लिया। पीड़िता के अनुसार, रायकोट रोड स्थित केयरवेल अस्पताल के पास रहने वाली एक परिचित महिला ने नया लोन दिलाने के बहाने उसके दस्तावेज लिए थे। आरोप है कि उक्त महिला ने इन दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए राज कौर को मृत दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तक पेश कर दिया और लोन की राशि हड़प ली।
गुरुवार को जब तीन व्यक्ति कर्ज वसूली के लिए पहुंचे और खुद को विजिलेंस अधिकारी बताने लगे, तो परिवार और पड़ोसियों को शक हुआ। लोगों का कहना है कि जब उनसे पहचान पत्र या सबूत मांगे गए तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही थाना सिटी से एएसआई रणधीर सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एएसआई रणधीर सिंह ने बताया कि पुलिस तीनों व्यक्तियों को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आया है कि तीनों व्यक्ति एक निजी कंपनी के कर्मचारी हैं, जिनका कार्यालय जगराओं के हरि सिंह रोड पर स्थित है। वे कंपनी के हेड ऑफिस द्वारा भेजे गए थे और पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि ये लोग सरकारी विजिलेंस विभाग के अधिकारी नहीं, बल्कि निजी कंपनी की बनाई गई विजिलेंस टीम के सदस्य हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही उच्च अधिकारियों को शिकायत दी जा चुकी है, जिसे डीएसपी स्पेशल ब्रांच को मार्क किया गया है। अब पूरे मामले की गहन जांच डीएसपी स्पेशल ब्रांच द्वारा की जाएगी।






