धर्मशाला 15 दिसंबर 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2300 करोड़ रुपये के फर्जी क्रिप्टो करंसी घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में ईडी ने आठ स्थानों पर छापेमारी कर 1.2 करोड़ रुपये के बैंक बैलेंस, एफडी और तीन लॉकर फ्रीज किए हैं। इस घोटाले में हिमाचल और पंजाब के लाखों निवेशकों को ठगा गया है।
जांच में सामने आया है कि इस घपले का मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा वर्ष 2023 में ही देश छोड़कर फरार हो गया था। ईडी ने यह कार्रवाई हिमाचल प्रदेश और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर की है। ये एफआईआर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), आईपीसी, चिट फंड एक्ट और अनियमित जमा योजनाओं से संबंधित हैं।
ईडी के अनुसार, आरोपियों ने ‘कोरवियो’, ‘वॉस्क्रो’, ‘डीजीटी’, ‘हाइपनैक्स्ट’ और ‘ए-ग्लोबल’ जैसे फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। इन प्लेटफॉर्मों के जरिए निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच दिया गया। वास्तव में ये सभी पोंजी स्कीमें थीं, जिनमें नए निवेशकों के पैसों से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था।
तलाशी अभियान के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपियों ने फर्जी क्रिप्टो टोकन बनाकर उनकी कीमतों में मनमानी हेराफेरी की और धोखाधड़ी को छिपाने के लिए बार-बार ब्रांड नाम बदले। इस घोटाले से करोड़ों रुपये कमाए गए और विदेशी यात्राओं व इवेंट्स के जरिए नए निवेशकों को जोड़ा गया।






