लंबी , 14 दिसंबर 2025 :हलके के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित एक निजी अंग्रेजी स्कूल की 10 से 11 महिला शिक्षिकाओं द्वारा सामूहिक इस्तीफा देने का मामला सामने आया है, जिससे इलाके में चर्चा का माहौल गर्म हो गया है।
चर्चा के अनुसार, इन शिक्षिकाओं ने यह कदम हर महीने के दूसरे शनिवार, जो कि अवकाश का दिन होता है, उस दिन ड्यूटी लगाने के आदेशों के विरोध में उठाया। इसके साथ ही, बातचीत के दौरान स्कूल चेयरमैन द्वारा कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार को भी इस्तीफे का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफा देने वाली शिक्षिकाएं सीनियर कक्षाओं को पढ़ाती थीं। स्कूल में कुल लगभग 50 सदस्यों का स्टाफ है। यह पूरा घटनाक्रम स्कूल की रिसेप्शन पर घटित होना बताया जा रहा है।
चेयरमैन ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, स्कूल चेयरमैन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने पूरे मामले की जिम्मेदारी डायरेक्टर (अकादमिक) पर डालते हुए कहा कि इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।
ड्यूटी को लेकर सफाई देते हुए चेयरमैन ने कहा कि दूसरे शनिवार की छुट्टी केवल विद्यार्थियों के लिए होती है, जबकि स्टाफ के लिए स्कूल के अपने नियम होते हैं। उनके अनुसार, शैक्षणिक योजनाओं के तहत स्टाफ को बुलाया जा सकता है, जिसके लिए स्कूल में पहले से ही नोटिफिकेशन जारी है।
घटना के संबंध में चेयरमैन ने बताया कि करीब 20 अध्यापक अवकाश मांगने पहुंचे थे, लेकिन अनुमति न मिलने पर उनमें से अधिकांश वापस चले गए।
शिक्षा विभाग ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री मुक्तसर साहिब के जिला शिक्षा अधिकारी (डी.ई.ओ. सेकेंडरी) जसपाल मौंगा ने कहा कि जिला शिक्षा विभाग किसी भी शिक्षिका की ओर से औपचारिक शिकायत मिलने का इंतजार कर रहा है।
डी.ई.ओ. मौंगा ने नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि “नियमों के अनुसार सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों में हर महीने के दूसरे शनिवार को विद्यार्थियों के साथ-साथ टीचिंग स्टाफ को भी पूर्ण अवकाश होता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि ड्यूटी के दौरान महिला स्टाफ के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार कानून के दायरे में आता है और शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।






