बठिंडा, 13 दिसंबर 2025: पंजाब में हो रहे जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जीत–हार से ज्यादा ग्रामीण पंजाब, खासकर मालवा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन टूटने के बाद भाजपा पहली बार अपने दम पर इन चुनावों के जरिए गांवों की राजनीति में उतरी है।
भाजपा ने करीब एक हजार ब्लॉक समितियों और लगभग 200 जिला परिषद जोनों में उम्मीदवार उतारे हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि कई स्थानों पर नामांकन से रोके जाने के कारण यह संख्या और अधिक हो सकती थी। चुनाव प्रचार के दौरान कई गांवों में भाजपा की सक्रियता, पोस्टर और प्रचार अभियान नजर आए, जिसे पार्टी सकारात्मक संकेत मान रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, भाजपा इन चुनावों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में अपने जनाधार का आकलन करना चाहती है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति तय की जा सके। पार्टी ने लंबे समय से गांवों में राहत कार्यों और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विरोध धीरे-धीरे कम हो रहा है और बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं।






