नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष चर्चा की शुरुआत हुई। इस ऐतिहासिक बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस विषय पर चर्चा करना गर्व की बात है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् वह मंत्र है जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा, प्रेरणा, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सम्मान की बात है कि हम इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन रहे हैं जब राष्ट्रीय गीत 150 वर्ष पूरे कर रहा है।
पीएम मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए 1975 की आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब यह राष्ट्रीय गीत अपनी 100वीं वर्षगांठ मना रहा था, तब देश आपातकाल की गिरफ्त में था और संविधान का गला घोंट दिया गया था।
विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज़ था और वह हर भारतीय के संकल्प की पहचान बन गया था। उन्होंने कहा कि इस सदन में खड़े होकर वंदे मातरम् को याद करना हम सभी के लिए एक बड़ा सम्मान है — यह वही मंत्र और नारा है जिसने आज़ादी के आंदोलन को प्राण शक्ति दी और देश को बलिदान तथा तपस्या का मार्ग दिखाया।






