नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन का संचालन संकट सातवें दिन भी थम नहीं सका। सोमवार सुबह 9 बजे तक दिल्ली, श्रीनगर, हैदराबाद और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। एक दिन पहले भी 650 से अधिक फ्लाइट रद्द हुई थीं। कंपनी का दावा है कि 2,300 दैनिक उड़ानों में से 1,650 संचालित की गईं।
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को कारण बताओ नोटिस के जवाब के लिए 24 घंटे का अतिरिक्त समय दिया है।
कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कहा कि स्थिति में सुधार जारी है और 10 दिसंबर तक नेटवर्क स्थिर होने की उम्मीद है। संकट के दौरान इंडिगो अब तक 610 करोड़ रुपये का रिफंड प्रोसेस कर चुकी है और 3,000 यात्रियों का बैगेज लौटा चुकी है।
कंपनी ने संकट के कारणों की जांच के लिए ‘रूट कॉज एनालिसिस’ शुरू करने की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार, नई एफडीटीएल व्यवस्था से क्रू प्लानिंग में बफर की कमी इस संकट की मुख्य वजह रही। संसद की संबंधित समिति भी इंडिगो व डीजीसीए अधिकारियों को तलब कर सकती है।






