नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति भवन में आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में शिरकत की, जहां उनका स्वागत 21 तोपों की सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
राष्ट्रपति भवन परिसर में हुई इस विशेष समारोह में पुतिन को भारतीय सैन्य टुकड़ियों ने औपचारिक सम्मान दिया। इसके तुरंत बाद रूसी राष्ट्रपति राजघाट के लिए रवाना हुए, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पुतिन की यह महत्वपूर्ण भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत–रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के बीच यह व्यापक साझेदारी अक्टूबर 2000 में स्थापित की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2010 में इसे और सुदृढ़ करते हुए “स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का दर्जा दिया गया।
विशेषज्ञ मानते हैं कि पुतिन की यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों, रक्षा सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र और वैश्विक मुद्दों पर तालमेल को और मजबूती देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।






