नई दिल्ली, 1 दिसंबर 2025: संसद के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में दो अहम बिल पेश किए, जिनका उद्देश्य तंबाकू उत्पादों और उनके निर्माण पर नया सेस लगाने का मार्ग प्रशस्त करना है।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही वित्त मंत्री ने ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025’ पेश किए। सरकार का कहना है कि इन नए सेस से राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा सकेंगे।
वित्त मंत्री के अनुसार, इन बिलों के माध्यम से उन मशीनों और उत्पादन प्रक्रियाओं पर सेस लगाया जाएगा जिनसे विशेष वस्तुओं का निर्माण होता है। इसका उद्देश्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राजस्व जुटाना है।
बिलों के पेश होते ही विपक्षी सांसदों ने तीखा विरोध दर्ज कराया। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत राय ने कहा कि बिल में तंबाकू के खतरों का कोई उल्लेख नहीं है और सरकार केवल उत्पाद शुल्क वसूलने पर केंद्रित है। उन्होंने ‘स्वास्थ्य सुरक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस’ को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ऐसा सेस स्वीकार नहीं किया जा सकता जिसे राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
डीएमके सांसद डीएम काथिर आनंद ने भी बिल का विरोध करते हुए कहा कि भले ही प्रस्ताव तकनीकी रूप से सही लग रहा हो, लेकिन इससे आम नागरिकों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा।
सरकार ने इस सत्र के लिए कुल 13 विधेयक सूचीबद्ध किए हैं, जिनमें से कई अभी तक स्थायी समिति के पास नहीं गए हैं। इनमें ‘जन विश्वास (संशोधन) बिल’, ‘दिवाला एवं दिवालियापन संहिता संशोधन बिल’, ‘राष्ट्रीय राजमार्ग संशोधन विधेयक’, ‘परमाणु ऊर्जा विधेयक’ और ‘उच्च शिक्षा आयोग विधेयक’ जैसे प्रमुख कानून शामिल हैं।
संसद का यह शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा।






