वाशिंगटन डीसी, 28 नवंबर 2025: वाइट हाउस के नज़दीक बुधवार को हुई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल अमेरिकी नेशनल गार्ड की जवान सारा बेकस्ट्रॉम (Sarah Beckstrom) ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। उनकी मौत की पुष्टि स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने की। महज़ 20 साल की सारा इलाज के दौरान ज़िंदगी की जंग हार गई।
इस हमले में घायल दूसरे सैनिक एंड्रयू वोल्फ (Andrew Wolf) की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।
छुट्टी के दिन साथियों की मदद के लिए कर रही थीं ड्यूटी
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उन्हें इस हमले की जानकारी तब मिली जब वे थैंक्सगिविंग के अवसर पर सैनिकों से वीडियो कॉल पर बात करने वाले थे। उन्होंने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सारा एक प्रतिभाशाली और समर्पित गार्ड थीं, जिनके जाने से उनका परिवार गहरे सदमे में है।
यूएस अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी (Pam Bondi) ने बताया कि सारा और एंड्रयू अपनी इच्छा से छुट्टी वाले दिन भी ड्यूटी पर आए थे ताकि उनके साथी अपने परिवारों के साथ त्योहार मना सकें।
अफगानिस्तान से आया था हमलावर
एफबीआई की जांच के अनुसार, हमलावर की पहचान रहमानउल्ला लाकनवाल (Rahmanullah Lakanwal) के रूप में हुई है, जो 29 साल का है। वह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और अप्रैल 2025 में उसे शरणार्थी का दर्जा मिला था।
अफगान फौज में कर चुका है काम
हमलावर के रिश्तेदारों ने दावा किया कि अमेरिका आने से पहले वह लगभग 10 साल तक अफगान सेना में रहा था और उसने अमेरिकी सैनिकों की सहायता भी की थी।
पुलिस का कहना है कि उसने यह हमला अकेले किया, हालांकि अभी तक इसकी मंशा का पता नहीं चल पाया है।
घटना पर छिड़ी राजनीतिक बहस
घटना के बाद राजनीति भी गरमा गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह शख्स बाइडेन प्रशासन के दौरान ही देश में लाया गया था।






