नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025 : दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए घातक कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने हरियाणा के फरिदाबाद जिले के धौज निवासी सोयब को गिरफ्तार किया है, जिस पर कथित रूप से आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी को हमले से ठीक पहले पनाह देने का आरोप है।
NIA के अनुसार, गिरफ्त में लिया गया आरोपी उमर को छिपाने के साथ-साथ उसके आतंकी मूवमेंट को आसान बनाने के लिए लॉजिस्टिकल सहायता भी प्रदान कर रहा था।सोयब इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां आरोपी है।
पहले छह आरोपी भी हो चुके हैं गिरफ्तार
NIA ने बताया कि जांच के दौरान इससे पहले छह प्रमुख साथियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जो उमर के संपर्क में थे। इनमें शामिल हैं:
* डॉ. मुजम्मिल शकील गनई (पुलवामा)
* डॉ. अदील अहमद राथर (अनंतनाग)
* डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ)
* मुफ्ती इरफान अहमद वगाय (शोपियां)
इन सभी को 20 नवंबर को पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश पर श्रीनगर में गिरफ्तार किया गया था। वे सभी इस हमले की साजिश और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
इसके अलावा NIA पहले ही दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है—
* अमीर राशिद अली (जिसके नाम पर ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई कार रजिस्टर्ड थी)
* जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश (जिसने तकनीकी सहायता प्रदान की थी)
धमाके में 15 की मौत, कई घायल
10 नवंबर की शाम करीब 7 बजे चलते हुए ह्यूंडई i20 वाहन में हुए IED विस्फोट में 15 लोगों की मौत हुई थी और दो दर्जन से अधिक घायल हुए थे। जांच में यह पुष्टि हुई कि कार चलाने वाला व्यक्ति आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी ही था, जो मूल रूप से पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था।
NIA ने उमर की पहचान फोरेंसिक रूप से स्थापित कर ली है और उसके एक अन्य वाहन को भी जब्त किया है, जिसकी जांच जारी है। एजेंसी अब तक 73 गवाहों से पूछताछ कर चुकी है।
साजिश का नेटवर्क उजागर करने में जुटी NIA
गृह मंत्रालय के आदेश पर मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और कई अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है।
एजेंसी का कहना है कि सातवें आरोपी को भी पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आमने-सामने कराया जाएगा।
NIA ने स्पष्ट किया कि आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हर व्यक्ति की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा और पूरी साजिश को जड़ से खत्म किया जाएगा।






