फिरोजपुर: भीषण गर्मी के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है, जिसका असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। डैमों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ-साथ फिरोजपुर से होकर बहने वाली सतलुज नदी में भी करीब 7 से 8 फुट तक जलस्तर बढ़ गया है। इससे नदी किनारे बसे गांवों के लोगों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
गौरतलब है कि पिछली बार आई बाढ़ के दौरान सतलुज नदी से सटे फिरोजपुर के कई गांवों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। ग्रामीण अभी तक उस आपदा से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब नदी के बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है।
वहीं, फिरोजपुर की बस्ती राम लाल क्षेत्र में सतलुज नदी के किनारे नोचा बांध के निर्माण कार्य में जुटी यूनाइटेड सिख्स संस्था को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। नदी में पानी बढ़ने के कारण बचाव और मजबूतीकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि सतलुज में बढ़े जलस्तर के कारण नोचा बांध निर्माण कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जब पत्थर नदी में डाले जाते हैं तो तेज बहाव और गहराई के कारण उनका भी पता नहीं चल पाता। इसके अलावा डैम भी लगभग भर चुके हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
यूनाइटेड सिख्स संस्था ने संगतों और समाजसेवी लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मौके पर पहुंचकर सहयोग करें, ताकि संभावित बाढ़ से पहले सतलुज नदी के किनारों को मजबूत और सुरक्षित बनाया जा सके।






