मोहाली: पंजाब पुलिस ने राज्य में चल रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के अगले चरण की शुरुआत करते हुए नशा तस्करी से जुड़े अवैध हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए तीन दिवसीय विशेष राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। यह अभियान उन हवाला संचालकों के खिलाफ केंद्रित है जो नशीले पदार्थों की तस्करी को वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं और ड्रग नेटवर्क को संचालित करने में मदद करते हैं।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत अब तक 73 हवाला ऑपरेटरों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा लगभग 10 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत 830 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं। वहीं, 1 मार्च 2025 से अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी बरामद की गई है। इसके अलावा सक्षम प्राधिकरण द्वारा 1,727 संपत्ति जब्ती प्रस्तावों की पुष्टि भी की जा चुकी है।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और नशा तस्करी की वित्तीय जड़ों को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों, हवाला संचालकों, ड्रग मनी और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ लगातार कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरव यादव ने कहा कि संगठित नशा कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करना पंजाब पुलिस की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के तहत राज्य में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है ताकि पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पुलिस भविष्य में भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त अभियान जारी रखेगी और नशे के कारोबार से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाएगा।






