पटियाला, 2 जून 2026 (बलजीत सरना): पटियाला में एक बार फिर किन्नर समाज के अंदरूनी विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को डिप्टी कमिश्नर (डीसी) कार्यालय के बाहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब किन्नर समाज के एक धड़े ने दूसरी पक्ष की मुखिया सिमरन महंत पर डेरा कब्जाने के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर लगाए पक्षपात के आरोप
डीसी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में एकत्र हुए किन्नर समाज के सदस्यों ने एसडीएम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन मामले में एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने डेरा विवाद में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करते हुए स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
सिमरन महंत ने आरोपों को बताया निराधार
विवाद के दूसरे पक्ष की मुखिया सिमरन महंत ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले पांच वर्षों तक अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ी है और अब न्यायालय ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया है।
‘यह हमारे पूर्वजों की विरासत है’
सिमरन महंत ने कहा कि संबंधित डेरा उनके पूर्वजों की विरासत है और वहां उनके बुजुर्गों की समाधियां भी मौजूद हैं। इसलिए इस संपत्ति पर उनका कानूनी और नैतिक अधिकार बनता है।
उन्होंने प्रदर्शन करने वाले धड़े पर पलटवार करते हुए उन्हें “नकली किन्नर” करार दिया और कहा कि वे उनके वैध अधिकारों में बाधा डाल रहे हैं।
कानून का सम्मान किया, अब मिला न्याय
सिमरन महंत ने कहा कि पांच वर्ष पहले जब एसडीएम ने उन्हें डेरा खाली करने का निर्देश दिया था, तब उन्होंने बिना किसी विरोध के कानून का सम्मान करते हुए डेरा खाली कर दिया था। अब अदालत के फैसले के बाद उन्हें अपना अधिकार वापस मिला है।
प्रशासन से कब्जा दिलाने की मांग
सिमरन महंत ने न्यायालय, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए मांग की कि अदालत के आदेशों के अनुसार जल्द से जल्द डेरा खाली करवाकर उसका कब्जा उन्हें सौंपा जाए।
इस पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा का माहौल है और सभी की निगाहें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।