पटियाला, 29 मई : दी क्लास फोर्थ गवर्नमेंट इंप्लाइज यूनियन पंजाब (1680) की जिला स्तरीय बैठक में सरकारी स्कूलों में कार्यरत स्कीम वर्करों और चौथा दर्जा कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता राम प्रसाद सहोता ने की।
बैठक में आरोप लगाया गया कि सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील कर्मियों और अन्य स्कीम वर्करों को समय पर वेतन जारी नहीं किया जा रहा। साथ ही उन्हें मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित रखा जा रहा है तथा न्यूनतम वेतन कानून के दायरे में नहीं लाया जा रहा। लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को नियमित भी नहीं किया जा रहा।
इस मौके पर सूबा प्रधान दर्शन सिंह लुबाणा, स्कूल यूनिट प्रधान राम प्रसाद सहोता, पेंशनर प्रधान शिव चरण तथा जल स्रोत विभाग के प्रधान बलजीत सिंह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि पंजाब के करीब 8200 सरकारी स्कूलों में सफाई सेवकों को 3000 रुपये तथा चौकीदारों को 5000 रुपये मासिक वेतन पर नियुक्त किया गया है, लेकिन उन्हें तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं दिया जा रहा।
यूनियन नेताओं ने मांग की कि सरकार कर्मचारियों का शोषण बंद करे और श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन तुरंत लागू करे। साथ ही स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की भी मांग उठाई गई।
सूबा प्रधान ने बताया कि शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains के साथ चंडीगढ़ में हुई बैठक के दौरान सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के कर्मचारियों के मुद्दे उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और कॉलेज शिक्षा विभाग में न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की गई, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
यूनियन नेताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2023 की नीति के तहत कॉलेजों के चौथा दर्जा कर्मचारियों को नियमित करने के नाम पर उनका शोषण होने की आशंका है। वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema को भी समान काम के लिए समान वेतन, ठेका प्रथा समाप्त करने, तीन से पांच साल सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने तथा आयु और शैक्षणिक योग्यता में छूट देने संबंधी मांगपत्र सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी संघर्ष तेज करेंगे। इसमें पुरानी पेंशन बहाली और ठेका प्रथा खत्म करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बैठक में चरणजीत मरदापुर, इंद्रपाल वालिया, सोनू पाल, सतनाम सिंह, काला सिंह, बलविंदर सिंह, संदीप कौर, मंजू रानी, धर्मेंद्र सिंह, मदन लाल, भीम पाल, रघवीर सिंह, जग्गा सिंह और नरेंद्र सिंह सहित कई कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।






