नई दिल्ली, 23 मई, 2026 : स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने देशभर में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली दवा प्रेगाबालिन (Pregabalin) को दवाओं से संबंधित नियम 1945 के तहत अधिक सख्त श्रेणी Schedule H1 में शामिल कर दिया है। यह फैसला दवा के बढ़ते दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है।
शुक्रवार को जारी आधिकारिक गजट अधिसूचना के अनुसार, अब इस दवा की बिक्री और वितरण पर कड़े नियम लागू होंगे। प्रेगाबालिन का उपयोग आमतौर पर पुराना दर्द, नसों से जुड़ी बीमारियां, फाइब्रोमायल्जिया और कुछ रोलॉजिकल समस्याओं के इलाज में किया जाता है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कई राज्यों से इस दवा के दुरुपयोग की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। खासकर युवाओं द्वारा इसके नशे, बेहोशी और मानसिक प्रभावों के लिए गलत इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा, अवैध रूप से स्टॉक रखने और बिना अनुमति बिक्री के कई मामलों में बड़ी खेप भी जब्त की गई है।
नई व्यवस्था के तहत अब प्रेगाबालिन केवल पंजीकृत डॉक्टर द्वारा जारी वैध प्रिस्क्रिप्शन पर ही बेची जा सकेगी। मेडिकल स्टोर और फार्मेसी संचालकों को इस दवा की हर बिक्री और संबंधित प्रिस्क्रिप्शन का अलग रिकॉर्ड भी रखना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दवा निर्माताओं को यह भी निर्देश दिए हैं कि वे दवा की पैकेजिंग पर अनिवार्य “Schedule H1 Drug Warning” स्पष्ट रूप से छापें। इस चेतावनी में उपभोक्ताओं को बताया जाएगा कि यह दवा केवल चिकित्सकीय निगरानी में ही इस्तेमाल की जानी चाहिए और बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं खरीदी जा सकती।
सरकार ने चेतावनी दी है कि नए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ Drugs and Cosmetics Act, 1940 और संबंधित नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्रालय ने दवा निर्माताओं, थोक विक्रेताओं, वितरकों, रिटेलर्स और फार्मासिस्टों से नए निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि दवा के दुरुपयोग को रोका जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।






