मोहाली/चंडीगढ़, 22 नवंबर 2025: पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से हरियाणा व दिल्ली जाने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे इंतज़ार के बाद मोहाली–कुराली बाइपास का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और प्रशासन ने घोषणा की है कि 1 दिसंबर से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे खऱड़ में रोज़ाना लगने वाले भीषण जाम से छुटकारा मिल जाएगा।
1400 करोड़ की लागत से तैयार हुआ बाइपास
यह नया मार्ग NH-205A का हिस्सा है, जो कुराली से सीधे एयरपोर्ट रोड को जोड़ता है। लगभग 31 किलोमीटर लंबा यह बाइपास मोहाली के आईटी चॉक से शुरू होकर कुराली तक जाता है और आगे सिसवां–बद्दी मार्ग से जुड़ जाता है। पूरा प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत 1,400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।
29 और 30 नवंबर को होगा ट्रायल रन
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि कुराली में हाई-टेंशन पावर लाइनों से जुड़े अटके कार्य अब पूरे हो चुके हैं। सड़क मार्किंग और अंतिम फिनिशिंग का हल्का काम बाकी है, जो जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
29 और 30 नवंबर को इस बाइपास पर ट्रायल रन होगा और इसके सफल होने पर इसे 1 दिसंबर से पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
बद्दी और न्यू चंडीगढ़ की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
ट्रैफिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस नए ग्रीनफील्ड बाइपास से बद्दी, न्यू चंडीगढ़ और मोहाली के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर तेज, सुरक्षित और सुगम होगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों ने बताया कि सड़क को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है। दोनों ओर सर्विस लेन, अत्याधुनिक रोड साइन बोर्ड और सुरक्षा के सभी मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है।
मौसम के कारण हुई थी देरी
यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र की एक निर्माण कंपनी द्वारा अक्टूबर 2022 में शुरू किया गया था, लेकिन जून और सितंबर में भारी बारिश व बाढ़ के कारण कार्य में देरी हुई।
गौरतलब है कि यह प्रोजेक्ट 2019 में प्रस्तावित खरड़–बनूड़–तेपला रोड प्रोजेक्ट का संशोधित विकल्प है, जिसे लागत अधिक आने के कारण रद्द किया गया था।
यह नया बाइपास आने वाले समय में चंडीगढ़–मोहाली की लाइफलाइन साबित होने की उम्मीद है।






