पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार के बाद कांग्रेस में उथल-पुथल तेज हो गई है। इसी क्रम में कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष सरवत जहां फातमा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी आलाकमान पर आरोप लगाया कि टिकट बंटवारे में महिलाओं की घोर अनदेखी की गई।
फातमा ने कहा कि पार्टी ने विधानसभा चुनाव में महिलाओं को केवल 8 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया, जो बेहद निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि वह दो साल से अधिक समय से महिला अध्यक्ष के पद पर थीं और इस दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर तक मेहनत कर संगठन को मजबूत किया, लेकिन टिकट के समय उनकी उपेक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि पूर्व में महिला कांग्रेस अध्यक्षों को टिकट दिया जाता रहा है, लेकिन इस बार उन्हें और कई महिला नेताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। फातमा के अनुसार, यह निर्णय संगठन में महिलाओं का मनोबल गिराने वाला है।
उधर, चुनावी हार के बाद कांग्रेस में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के नाराज गुट के नेता पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में एक बार फिर धरने पर बैठ गए हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु से इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका आरोप है कि टिकट बंटवारे में भारी गड़बड़ी और चुकी हुई रणनीति के कारण पार्टी को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव के बाद कांग्रेस में बढ़ते विरोध के सुर संकेत दे रहे हैं कि अंदरूनी संकट अभी और गहराने वाला है।






