चंडीगढ़, 04 मई 2026 : पंजाब के मशहूर उद्योगपति और राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता की कंपनी ट्राइडेंट लिमिटेड और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के बीच चल रहे विवाद में आज अहम मोड़ आ गया। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आज हुई सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। ट्राइडेंट लिमिटेड की ओर से पेश वकीलों ने कंपनी का पक्ष रखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जबकि PPCB की ओर से याचिका की वैधता पर सवाल उठाए गए।
कंपनी के वकील ने अदालत में दलील दी कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि फैक्ट्री से लिए गए नमूनों की जांच पंजाब से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
वहीं, PPCB के वकीलों ने याचिका की मेंटेनबिलिटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला तकनीकी रूप से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट के बजाय NGT का रुख करना चाहिए था।
गौरतलब है कि यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब PPCB ने बर्नाला स्थित ट्राइडेंट के यूनिट पर छापेमारी की थी। कंपनी ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए इसे “राजनीति से प्रेरित” बताया था।
दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम उस समय तेज हुआ जब राजिंदर गुप्ता ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।






