चंडीगढ़ 25 अप्रैल 2026: रूमेटोलॉजिकल डिजीज अवेयरनेस माह के समापन पर PGIMER के इंटरनल मेडिसिन विभाग की ओर से संस्थान से सुखना झील तक जनजागरूकता वॉक आयोजित की गई। इस पहल का उद्देश्य मस्क्युलोस्केलेटल (हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी) बीमारियों की रोकथाम और इलाज में जीवनशैली में बदलाव के महत्व को उजागर करना था।
कार्यक्रम के दौरान पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रोफेसर विवेक लाल ने स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी बीमारियों से बचाव के लिए बचपन से ही जागरूकता जरूरी है। उन्होंने ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी) के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए तंबाकू और शराब से दूर रहने की सलाह दी।
इस मौके पर प्रोफेसर अमन शर्मा (अध्यक्ष, Indian Rheumatology Association) ने बताया कि भारत में रूमेटिक और मस्क्युलोस्केलेटल बीमारियों का प्रचलन काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन से रूमेटाइड आर्थराइटिस जैसी बीमारियां बढ़ती हैं, जबकि शराब हड्डियों की सेहत पर गंभीर असर डालती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बीमारियां आर्थराइटिस के रूप में सामने आ सकती हैं, इसलिए समय पर सही इलाज के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना जरूरी है। साथ ही उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी में व्यायाम को शामिल करने पर जोर दिया।
यह वॉक Indian Rheumatology Association द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय जागरूकता अभियान का हिस्सा थी। कार्यक्रम को प्रोफेसर संजय जैन, पंकज राय और डॉ. विपन कौशल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस वॉक में 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें पीजीआई के डॉक्टर, स्टाफ, मरीज और आम नागरिक शामिल रहे।






