नेपीडॉ, 26 अप्रैल 2026 : दक्षिण-पूर्व एशिया के देश म्यांमार में रविवार को 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह जानकारी राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र(एनसीएस) ने दी है।
एनसीएस के अनुसार, भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 2:57:21 बजे आया। इसका केंद्र 24.113° उत्तरी अक्षांश और 94.550° पूर्वी देशांतर पर था, जबकि गहराई 90 किलोमीटर दर्ज की गई। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा की।
इससे एक दिन पहले शनिवार को भी इसी क्षेत्र में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई 95 किलोमीटर थी। लगातार आ रहे झटकों ने क्षेत्र में भूकंपीय सक्रियता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर लगभग 700 किलोमीटर गहराई तक आ सकते हैं। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) यूएसजीएस) के मुताबिक, भूकंपों को गहराई के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जाता है—
- 0 से 70 किमी: उथले भूकंप
- 70 से 300 किमी: मध्यम गहराई वाले भूकंप
- 300 से 700 किमी: गहरे भूकंप
इस आधार पर म्यांमार में आया हालिया भूकंप “मध्यम गहराई” की श्रेणी में आता है।
भूगर्भीय दृष्टि से म्यांमार एक संवेदनशील क्षेत्र है। यह चार टेक्टोनिक प्लेटों— इंडियन प्लेट, यूरेशियन प्लेट, सुंडा प्लेट और बर्मा प्लेट —के बीच स्थित है, जो लगातार सक्रिय भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं में शामिल रहती हैं।देश के बीचों-बीच गुजरने वाली सागिंग दोष नामक 1400 किलोमीटर लंबी फॉल्ट लाइन इस क्षेत्र में भूकंप के खतरे को और बढ़ाती है। इसका प्रभाव सागांग, मांडले, बागो और यांगून जैसे प्रमुख शहरों पर पड़ता है, जहां देश की लगभग 46 प्रतिशत आबादी रहती है।हालांकि यंगून इस फॉल्ट लाइन से कुछ दूरी पर है, फिर भी इसकी घनी आबादी के कारण यहां जोखिम बना रहता है। इतिहास में 1903 में बागो में आए 7.0 तीव्रता के भूकंप का असर यंगून तक महसूस किया गया था।
विशेषज्ञों ने क्षेत्र में सतर्कता बरतने और भूकंप से बचाव के उपायों को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है।






