चंडीगढ़, 15 अप्रैल 2026: बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं सहित अन्य फसलों को हुए भारी नुकसान के बाद भी खरीद प्रक्रिया शुरू न होने पर पंजाब की किसान संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है। किसानों ने गेहूं की अनदेखी और कथित लूट पर गहरी नाराजगी जताई है।
संयुक्त किसान मोर्चा, किसान मजदूर मोर्चा और आजाद किसान मोर्चा से जुड़ी कई संगठनों ने संयुक्त रूप से 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में ‘रेल रोको’ आंदोलन करने का ऐलान किया है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर गेहूं खरीद के नियमों में ढील देकर तुरंत खरीद शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किसान संगठनों के अनुसार, मंडियों में किसानों की फसल खुले में पड़ी है और खराब मौसम के कारण उसकी गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसके बावजूद खरीद एजेंसियां सक्रिय नहीं हैं, जिससे किसानों को मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि पहले बाढ़ और अब ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन न केंद्र सरकार और न ही पंजाब सरकार ने गंभीरता दिखाई। मंडियों में बारदाने की कमी, शौचालय और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है।
किसान नेताओं ने पंजाब के लोगों से इस आंदोलन में समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रेल रोको किसानों की मजबूरी है, क्योंकि मेहनत से उगाई गई फसल को इस तरह बर्बाद नहीं होने दिया जा सकता। साथ ही सरकारों को चेतावनी दी गई कि वे किसानों के सब्र की परीक्षा न लें और जल्द से जल्द उचित दाम पर खरीद सुनिश्चित करें।






