नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2026: पंजाब में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की एक टीम आज पंजाब का दौरा करेगी। नौ सदस्यीय इस टीम की अगुवाई केंद्रीय उपभोक्ता मामले और खाद्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर पी.के. सिंह करेंगे, जिसमें भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य सरकार के अधिकारी भी शामिल होंगे।
टीम द्वारा गेहूं के नमूने भी एकत्र किए जाएंगे, जिसके बाद केंद्र सरकार आगे का निर्णय ले सकती है। इस बीच, पंजाब सरकार ने खरीद नियमों में ढील देने की मांग की है ताकि किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल मिल सके। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही राजस्थान को ऐसी अनुमति दे चुकी है।
राज्य में करीब 1.30 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जबकि लाखों एकड़ में फसल की गुणवत्ता खतरे में है। मंडियों में पहुंच रही गेहूं की नमी निर्धारित 12 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत तक दर्ज की जा रही है, वहीं शुरुआती जांच में 60 प्रतिशत तक चमक में कमी पाई गई है।
इस मुद्दे पर भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात कर खरीद मानकों में ढील देने की मांग की है। साथ ही, पंजाब सरकार द्वारा विशेष सर्वेक्षण भी कराया जा रहा है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की टीमें पहले ही अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्थान के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में लगभग 2.49 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिससे गेहूं, सरसों, इसबगोल और जीरा जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
राहत के तौर पर केंद्र सरकार ने 2026-27 रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद के मानकों में ढील दी है। अब 50% तक चमक की कमी और 15% तक टूटे या सिकुड़े दानों वाली गेहूं भी एमएसपी पर खरीदी जा सकेगी।






