अमृतसर (जगदेव रंचना):
श्रोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने पाकिस्तान जाने वाली अकेली महिला तीर्थ यात्रियों की वीज़ा अर्ज़ियों पर सख़्त पाबंदी लगा दी है। यह फैसला पंजाब की सरबजीत कौर के चर्चित मामले के बाद लिया गया है, जो पाकिस्तान जाकर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने के बाद वापस नहीं लौटी।
SGPC के सचिव प्रताप सिंह ने कहा कि समिति अब किसी भी अकेली महिला के लिए पाकिस्तान यatra का वीज़ा जारी नहीं करेगी। उन्होंने सरबजीत कौर के व्यवहार की कड़ी निंदा की और दावा किया कि मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार यह स्पष्ट है कि सरबजीत पहले से ही पाकिस्तान में किसी संपर्क में थी।
प्रताप सिंह ने जांच एजेंसियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कई लोगों को बॉर्डर से वापस भेजा जा रहा था, तो इतना गंभीर मामला एजेंसियों की नज़र से आखिर कैसे बच गया?
उन्होंने कहा कि इस घटना से अन्य तीर्थ यात्रियों में नाराज़गी है, और जिस परिवार की सरबजीत कौर गई है, उस पर मानसिक दबाव बढ़ गया है। SGPC ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अकेली महिलाओं को पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के ज़रिये पाकिस्तान गई थी, परन्तु वापसी के समय जत्थे में शामिल नहीं हुई। जांच के दौरान उसके इमिग्रेशन फार्म में नागरिकता और पासपोर्ट नंबर खाली पाए गए, जिससे संदेह और गहरा हो गया।






