पति नियामत राम के बाद पत्नी द्रोपदी देवी भी बनी शरीरदानी
फ़तेहाबाद, 13, मार्च 2026 (संजीव शर्मा) : भट्टू रोड स्थित शिव नगर में मानवता और सेवा की अनूठी मिसाल उस समय देखने को मिली जब प्रेमी धर्मपाल सचदेवा की माता द्रोपती देवी (पत्नी शरीरदानी नियामत राम) अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में जा समाईं। परिजनों व साध-संगत ने महान निर्णय लेते हुए माता जी का शरीरदान श्री सिद्धि विनायक मेडिकल कॉलेज, संभल (उत्तर प्रदेश) को किया, ताकि यह शरीर मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे भावी डॉक्टरों के लिए उपयोगी साबित हो सके। माता जी के शरीरदान के इस सेवा कार्य की पूरे क्षेत्र में भूरी-भूरी प्रशंसा की जा रही है। बता दें कि इससे पहले उनके पति नियामतराम ने भी मानवता भलाई के लिए मरणोपरांत शरीरदान कर अमर हुए थे।
साध-संगत द्वारा किए जा रहे ऐसे मानवता भलाई कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन रहे हैं। माता द्रोपती देवी की अंतिम यात्रा शिव नगर, सीमा संस्कार स्कूल वाली गली से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई लाल बत्ती चौक तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में साध-संगत व शहरवासियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। साध-संगत द्वारा पवित्र नारे व विनती बोलकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
अंतिम यात्रा के दौरान समाज को प्रेरित करने वाला दृश्य भी देखने को मिला। माता जी की पोतियां नेहा रानी, कोमल रानी और चाहत ने ‘बेटा-बेटी एक समान’ मुहिम का अनुसरण करते हुए अपनी दादी की अर्थी को कंधा देकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया। माता द्रोपती देवी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोडकऱ गई हैं। उनके चार पुत्र धर्मपाल, सतपाल, राजेंद्र और सुरेश कुमार सहित परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार मौजूद रहे।






